Karthika Gehlot Success Story: जज बनी ड्राइवर की बेटी ,परीक्षा मे 66 वाँ स्थान पाकर किया पिता का सपना पूरा ,पढ़िए ..

Success Story: गरीब हो या अमीर सपने सभी देखते है लेकिन उसे साकार कुछ लोग ही कर पाते हैं और अक्सर मध्यम वर्ग और गरीब वर्ग के लोगों के लिए अपने बड़े सपनों को साकार करना बहुत बड़ी बात होती है |

ऐसा की कुछ एक मध्यम वर्ग़ के जोधपुर के रहने वाले राजेन्द्र गहलोत जो की राजस्थान हाई कोर्ट के जजों के लिए ड्राइवर का काम करते है उन्होंने  सपना देखता था अपने बेटी को जज व न्यायाधीश बनते देखने का और उनके बेटी ने इसे बखूबी पूरा भी किया |

उनकी बेटी कार्तिका गहलोत ने 2021 के जारी किए गए आरजेएस (RJS) परीक्षा परिणाम मे 66वाँ रैंक हासिल किया और पूरे राजस्थान ही नहीं पूरे भारत मे लड़कियों के लिए के मिसाल बन गई |

कार्तिका गहलोत के पिता राजेन्द्र गहलोत ने अपनी बेटी को जज बनाने का सपना जब कार्तिका छठी कक्षा मे थी तब देखा था,कार्तिका की रुचि काले कोट मे देखते हुए उनके पिता ने उसी समय जज बनाने का निर्णय ले लिया था |

कार्तिका की पढ़ाई 

कार्तिका गहलोत ने अपने स्कूल की प्राथमिक शिक्षा सेंट ऑस्टिन स्कूल से पूरी की इसके बाद उन्होंने लॉ की पढ़ाई जोधपुर के ही जय नारायण व्यास विश्वविद्यालय से ग्रहण की |

जब वह लॉ की पढ़ाई कर रही थी उसके साथ ही जब उन्होंने इन्टर्नशिप की सुरुवात की तब उनकी रुचि सबसे अधिक बढ़ी और उन्होंने ने जज बनाने के पिता के सपने को पूरा करने के लिए पढ़ाई मे और ध्यान देना सुरू कर दिया |

कार्तिका रोजाना 4 से 5 घंटे की पढ़ाई करती थी लेकिन जब पेपर होते तब उनकी मेहनत और बढ़ जाती और 10 से 12 घंटे पढ़ाई करना सुरू कर देती थी |

इतना आसान नहीं था कार्तिका के लिए लगातार पढ़ाई पर ध्यान रख पाना लेकिन इसके लिए उन्होंने आजकल बच्चों के लिए जो सबसे अधिक समय बर्बाद करने का कारण बना हुआ है सोशल मीडिया जैसे फ़ेसबुक और इंस्टाग्राम इनसे दूरी बना कर रखी हुई थी जिसने उन्हे पढ़ाई मे ध्यान केंद्रित करने मे बहुत मदत की |

परिवार और पूर्व जज रहे सफलता के स्रोत 

कार्तिका ने अपनी सफलता का श्रेय अपने परिवार के सहयोग और उनके आदर्श इलाहाबाद के पूर्व मुख्य जज गोविंद माथुर को दिया |

पिता के सहयोग और उनके सपने ने उन्हे सबसे अधिक प्रेरित किया इस मुकाम को हासिल करने मे साथ ही उनके आदर्श गोविंद माथुर ने उनके सफलता के रास्ते को सफल बनाने मे महत्वपूर्ण भूमिका निभाई |

पिता राजेन्द्र गहलोत की आँखें नम हो गई बेटी की सफलता देखकर वो चाहते थे उनकी बेटी एक दिन जज बन कर मेरी गाड़ी की पीछे सीट पर बैठे और मैं उनके लिए ड्राइवर बनू ,वो उनकी बेटी ने पूरा कर दिखाया |

कार्तिका गहलोत ने अपने इंटरव्यू मे लड़कियों को उनके अधिकारों जानने और उसे इस्तेमाल करने के लिए लॉ की पढ़ाई के लिए आग्रह किया |

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