2026 IPO Market को लेकर निवेशकों में नई उम्मीदें जगी। ₹4 लाख करोड़ के अनुमानित IPO से रीटेल निवेशकों के लिए बड़ा मौका और बड़ा जोखिम—दोनों मौजूद।
जिस तरह 2025 में IPO की बारिश देखने को मिली थी, उसी तरह 2026 में IPO का सैलाब आने की संभावना ने निवेशकों का ध्यान एक बार फिर 2026 के IPO मार्केट की ओर खींच लिया है।
खबरों में ₹4 लाख करोड़ के IPO का आंकड़ा लगातार चर्चा में बना हुआ है। साल 2025 में IPO मार्केट में रीटेल निवेशक की भागीदारी 37% रही थी | खासतौर पर मुंबई से आए आंकड़े साफ़ दिखाते हैं कि रीटेल निवेशक कितनी तेज़ी से IPO मार्केट को अपना रहे हैं।
₹4 लाख करोड़ का IPO कैसे संभव है?
Pantomath Capital Advisors की एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत के एक्विटी कैपिटल मार्केट 2026 में करीब ₹4 लाख करोड़ की आईपीओ से जुटाए जाने की संभावना बन सकती हैं।
पिछले एक दशक में भारत की IPO फंड जुटाने में करीब 12 गुना बढ़ोतरी हुई है। पिछले 10 सालों में IPO मार्केट बहुत तेज़ी से बढ़ा है में Mainboard और SME IPOs से ₹13,874 करोड़ 2015 मे जुटाए गए थे, वहीं 2025 में यह आंकड़ा ₹1.95 लाख करोड़ तक पहुँच गया।
2026 में इतना पैसा क्यों आ सकता है?
रिपोर्ट के मुताबिक अब भारत का IPO मार्केट मज़बूत और स्थायी दौर (Structurally Stronger Phase) में आ चुका है।
पिछले 10 सालों में Mainboard IPOs से पैसा जुटाने की रफ्तार 29% CAGR रही SME IPOs की ग्रोथ इससे भी तेज़ रही, करीब 46% CAGR तो वहीं 2025 भारत के IPO मार्केट के लिए रिकॉर्ड साल रहा कुल 373 IPOs आए 103 Mainboard IPOs और 270 SME IPOs शामिल थे जिनसे कुल ₹1.95 लाख करोड़ जुटाए गए थे |
खास बात यह रही कि 2007 के बाद पहली बार Mainboard IPOs की संख्या 100 से ज़्यादा पहुँची।
आईपीओ डील्स की संख्या के मामले में भारत दुनिया में नंबर-1 बन गया है और 2026 में करीब ₹4 लाख करोड़ की आईपीओ मार्केट की संभावना यह दिखाता है कि भारत का मुख्य बाजार अब बजबूत,विशाल और परिपक्व बन चुका है।
Retail Investors के लिए Profit या Risk ?
Pantomath Capital Advisors की रिपोर्ट के मुताबिक, अगर 2026 में IPO मार्केट इतना बड़ा बनता है, तो
400 से ज़्यादा Mainboard IPOs और 1,000 से ज़्यादा SME IPOs आ सकते हैं जो वाकई बहुत बड़ा आंकड़ा है।
ऐसे माहौल में निवेशकों के लिए कमाई के कई मौके बन सकते हैं। अगर मार्केट का माहौल अच्छा रहा, तो लिस्टिंग के समय अच्छा मुनाफ़ा मिल सकता है।
लेकिन साथ ही यह भी समझना ज़रूरी है कि ज़्यादा IPO सिर्फ़ फायदा नहीं लाते जोखिम भी बढ़ता है। कुछ कंपनियाँ अच्छे माहौल का फायदा उठाकर ऊँची Valuation पर IPO ला सकती हैं, जिससे रीटेल निवेशकों को या तो कम मुनाफ़ा मिलेगा या नुकसान भी हो सकता है।
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