Tata Sons Stake Sale: Shapoorji Pallonji Group यानी SP Group के Chairman Shapoor Mistry ने Tata Sons से करीब ₹25,000 करोड़ की मांग की है। इसके बदले SP Group अपनी Tata Sons की कुछ हिस्सेदारी बेच सकता है। Group के पास Tata Sons में करीब 18.37% हिस्सेदारी है और अब वह इसमें से करीब 7% हिस्सेदारी बेचकर पैसा जुटाने की कोशिश कर रहा है।
Tata Sons से ₹25,000 करोड़ मांग रहा SP Group
The Economic Times की Report के मुताबिक, Shapoor Mistry ने Tata Trusts के Chairman Noel Tata को इस हिस्सेदारी बिक्री को लेकर Proposal भेजा है। इस Proposal पर Tata Sons में आगे बातचीत हो सकती है।
Shapoor Mistry की Tata Sons के Chairman N Chandrasekaran और Noel Tata के साथ हिस्सेदारी बेचने को लेकर July तक बातचीत हुई थी। हालांकि, अभी तक इस Deal पर दोनों पक्षों के बीच ज्यादा सहमति नहीं बन पाई है।
सबसे बड़ा मामला Deal की कीमत और इसे किस तरीके से पूरा किया जाएगा, इसे लेकर है।
Tata Sons में SP Group की 18.37% हिस्सेदारी
SP Group के पास Tata Sons में करीब 18.37% हिस्सेदारी है। अब Group अपनी करीब 7% हिस्सेदारी बेचकर करीब ₹25,000 करोड़ जुटाना चाहता है।
एक Proposal में SP Group को Tata Sons की हिस्सेदारी के बदले कुछ Listed Tata Companies के Shares देने की बात भी सामने आई थी।
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हालांकि, अब SP Group ऐसा रास्ता चाहता है जिसमें उसे तय समय के भीतर Cash मिल जाए और Tata Sons की Private Company की Status भी बनी रहे।
N Chandrasekaran के फैसले से भी बदला माहौल
Tata Sons में हिस्सेदारी बेचने को लेकर बातचीत के बीच एक बड़ा बदलाव भी हुआ है।
August की शुरुआत में N Chandrasekaran ने कहा था कि वह February 2027 में अपना Current Term पूरा होने के बाद दोबारा Tata Sons के Chairman नहीं बनेंगे।
ऐसे में Tata Sons की Leadership में आने वाले बदलाव का असर भी इस संभावित Deal पर पड़ सकता है।
SP Group पर कर्ज चुकाने का दबाव
SP Group के लिए Tata Sons की हिस्सेदारी बेचना सिर्फ एक सामान्य Investment Decision नहीं है। Group पर कर्ज चुकाने का दबाव भी बना हुआ है।
July में Group ने करीब ₹21,500 करोड़ की Refinancing की थी। फिलहाल Group की Borrowing Cost करीब 18-19% है। SP Group आगे Refinancing के जरिए इसे करीब 12% तक लाना चाहता है।
कम Borrowing Cost मिलने से Group पर Interest का दबाव कम हो सकता है।
September के अंत तक चुकाने हैं ₹3,500 करोड़
SP Group को September के अंत तक करीब ₹3,500 करोड़ की Payment करनी है। Lenders चाहते हैं कि Tata Sons की हिस्सेदारी बेचने को लेकर कोई ठोस Progress दिखाई दे।
इसके बाद ही वे आगे Loan देने या Repayment Rules में राहत देने पर विचार कर सकते हैं।
अगर September की Payment नहीं होती है, तो इसे Default माना जा सकता है। यह Payment पुराने Financing Arrangement से जुड़ी है और उम्मीद थी कि इसे July में मिली Funding से चुकाया जाएगा।
Deal की कीमत पर अटका मामला
SP Group और Tata Sons के बीच संभावित हिस्सेदारी बिक्री में सबसे बड़ा मुद्दा Deal Valuation और Transaction Structure को लेकर बताया जा रहा है।
SP Group चाहता है कि उसे अपनी हिस्सेदारी के बदले तय समय में Cash मिले। वहीं, Deal ऐसी होनी चाहिए जिससे Tata Sons की Private Company की Status भी बनी रहे।
यही वजह है कि अभी तक इस संभावित हिस्सेदारी बिक्री पर दोनों पक्षों के बीच व्यापक सहमति नहीं बन पाई है।
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