Zepto IPO को लेकर निवेशकों में ज़बरदस्त उत्साह है। Sales 129% बढ़ने के बावजूद कंपनी का loss क्यों बढ़ रहा है |
IPO को लेकर निवेशकों में उत्साह अपनी चरम सीमा पर है। Swiggy, Zomato और Blinkit (Eternal) के IPO के बाद अब फास्ट डिलीवरी सेगमेंट में Zepto भी अपनी मज़बूत मौजूदगी दर्ज कराने जा रही है।
Zepto की कॉन्फिडेंसीयल फाइलिंग के बाद यह साफ हो गया है कि 2026 में इसके IPO को लेकर चर्चाएं और तेज़ होंगी।
यह IPO निवेशकों के लिए एक नया अवसर है और उन लोगों के लिए भी खास है जो तेज़ी से बढ़ती कंपनियों में निवेश के मौके तलाशते हैं। लेकिन सवाल यही है— कंपनी IPO क्यों ला रही है? इसके फाइनैन्शल रिकार्ड कैसे हैं और भविष्य कैसा दिखता है?
इसी आर्टिकल में हम इन सभी सवालों को विस्तार से समझने की कोशिश करेंगे।
Zepto IPO क्यों ला रही है?
- फास्ट डिलीवरी की जंग के लिए पैसे जुटाना
क्विक कॉमर्स (10-minute delivery) बिज़नेस में बहुत ज़्यादा पूंजी की ज़रूरत होती है। शेयर बाज़ार में लिस्ट होने से Zepto को एक बड़ा और स्थायी पैसे का ज़रिया मिल जाएगा, जिससे वह Blinkit और Swiggy Instamart जैसे प्रतिस्पर्धियों का मुकाबला कर सकेगी।
- IPO तेजी का फायदा उठाना
Blinkit, Zomato और Swiggy पहले से ही शेयर बाज़ार में लिस्टेड हैं और उन्होंने मार्केट के पॉज़िटिव मोमेंटम का फायदा उठाकर पूंजी जुटाई है। साल 2025 IPO के लिए अब तक का सबसे शानदार साल रहा है, जिसमें रिकॉर्ड तोड़ 365 IPOs के ज़रिए करीब ₹1.95 ट्रिलियन जुटाए गए हैं। इसी वजह से Zepto के लिए IPO लाने का यह समय सही माना जा रहा है।
- सही Valuation प्राप्त करना
कुछ समय पहले Zepto की वैल्यूऐशन करीब ₹63,000 करोड़ आंकी गई थी। अगर IPO लाने से इसकी वैल्यूऐशन बढ़ती है, तो कंपनी के शुरुआती निवेशकों को अच्छा मुनाफ़ा कमाने का मौका मिल सकता है।
Sales 129% बढ़ी, लेकिन नुकसान 177% क्यों बढ़ गया?
कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन पर नज़र डालें, तो साफ़ दिखता है कि कमाई बढ़ी है, लेकिन खर्च इतना ज़्यादा है कि कंपनी अभी मुनाफ़े में नहीं आ पाई।
Zepto के लिए वित्तीय वर्ष 2025 (FY25) मिला-जुला रहा। कंपनी की sales तेज़ी से बढ़कर ₹9,668.8 करोड़ हो गई, जो FY24 की ₹4,223.9 करोड़ के मुकाबले 129% ज़्यादा है।
लेकिन इसी दौरान नुकसान (net loss) भी बढ़कर ₹3,367.3 करोड़ हो गया, जो FY24 के ₹1,214.7 करोड़ से करीब 177% ज़्यादा है।
Zepto की कमाई साल-दर-साल तेज़ी से बढ़ी है—FY 2021–22 में ₹141 करोड़, FY 2022–23 में ₹2,077.6 करोड़ और FY 2023–24 में ₹4,498.57 करोड़।
लेकिन मुनाफ़े की जगह कंपनी को लगातार नुकसान हुआ FY 2021–22 में ₹390 करोड़, FY 2022–23 में ₹1,272.49 करोड़ और FY 2023–24 में ₹1,248.64 करोड़।
नुकसान बढ़ने की सबसे बड़ी वजह आसान शब्दों में यह है की Zepto को Blinkit और Swiggy Instamart से कड़ी प्राइस वॉर यानि की सस्ता बेचने की होड़ की लड़ाई लड़नी पड़ रही है, कंपनी बहुत तेज़ी से विस्तार कर रही है, नए डार्क स्टोर खोलने में भारी खर्च हो रहा है और कस्टमर को लुभाने के लिए बड़े डिस्काउंट/ऑफर देने पड़ रहे हैं।
इतने नुकसान के बावजूद IPO क्यों?
इतने बड़े नुकसान के बावजूद Zepto ने अपना Confidential DRHP आईपीओ पेपर दाखिल कर दिया है।
कंपनी का प्लान है कि वह शेयर मार्केट से करीब ₹11,000 करोड़ जुटाए, ताकि मार्केट में बनी रह सके
,कंपनी का विस्तार जारी रहे और प्रतिस्पर्धियों से लड़ाई में पीछे न रह जाए |
Zepto तेज़ी से बढ़ रही है, Sales ज़बरदस्त हैं, लेकिन Losses भी बढ़ रहे हैं। हालांकि, Startup कंपनियों के ग्रोथ स्टेज में नुकसान मे होना आम बात है।
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