मुकेश अंबानी की रिलायंस इंडस्ट्रीज़ एक बार फिर सुर्खियों में है। कंपनी को अहमदाबाद CGST विभाग की ओर से ₹56.44 करोड़ का भारी-भरकम टैक्स पेनल्टी नोटिस मिला है। यह ऑर्डर 25 नवंबर को जारी हुआ था, जबकि रिलायंस को यह ईमेल के जरिए 27 नवंबर सुबह 11:04 बजे प्राप्त हुआ।
Reliance Penalty मामला क्या है? पेनल्टी क्यों लगी?
CGST विभाग के मुताबिक, यह जुर्माना इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) की उस व्याख्या पर आधारित है जिसे विभाग ने ‘ब्लॉक्ड क्रेडिट’ माना है। आरोप है कि रिलायंस ने सर्विस प्रोवाइडर द्वारा दी गई सेवाओं की क्लासिफिकेशन को ध्यान में रखे बिना टैक्स क्रेडिट लिया।
दूसरी तरफ रिलायंस का कहना है कि यह मामला “गलत व्याख्या” से जुड़ा है, और कंपनी इस आदेश को चुनौती देगी कंपनी जल्द ही इस पेनल्टी के खिलाफ औपचारिक अपील दाख़िल करने जा रही है।
शेयर पर नहीं पड़ा असर, निवेशक रहे शांत
Reliance Penalty की खबर के बावजूद रिलायंस का शेयर किसी तरह की गिरावट में नहीं गया। शुक्रवार की सुबह शेयर हल्की कमजोरी के साथ खुला था, लेकिन कुछ ही मिनटों में रिकवर होकर हरे निशान में आ गया।
शेयर 0.12% की बढ़त के साथ ₹1,565.50 पर ट्रेड कर रहा था। हाल ही में स्टॉक ने अपना 52-वीक हाई भी छुआ है, जिससे निवेशकों का भरोसा मजबूत दिखाई देता है।
कंपनी का बयान— “बिज़नेस पर कोई असर नहीं”
रिलायंस इंडस्ट्रीज़ ने साफ कहा है कि: यह मामला केवल जुर्माने तक सीमित है कंपनी के बिज़नेस, ऑपरेशंस या किसी बड़े प्रोजेक्ट पर इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा रोज़मर्रा के काम बिना किसी बदलाव के जारी रहेंगे |
हालांकि, आने वाले दिनों में यह कानूनी लड़ाई किस मोड़ पर जाएगी और ITC की व्याख्या पर यह विवाद भविष्य में क्या असर डाल सकता है—यह देखना दिलचस्प होगा।
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