SBI Funds Management IPO को लेकर बड़ा खुलासा, इस साल आ सकता है 13,000 करोड़ रुपये का इश्यू

SBI Funds Management IPO को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। SBI के चेयरमैन CS Setty ने साफ संकेत दिया है कि यह IPO इसी साल देखने को मिल सकता है। करीब 13,000 करोड़ रुपये के इश्यू की चर्चा के बाद अब निवेशकों की नजर इस बड़े IPO पर टिक गई है।

SBI Funds Management IPO पर आया बड़ा अपडेट

SBI Funds Management का IPO जल्द ही हमें देखने को मिल सकता है। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के चेयरमैन CS Setty ने Citi India 2026 Conference में इस बात की पुष्टि की है।

SBI Funds Management मार्च में ही SEBI के पास अपने IPO (Initial Public Offering – पहली बार आम निवेशकों के लिए शेयर जारी करना) के दस्तावेज जमा कर चुकी है। यह IPO पूरी तरह OFS (Offer for Sale – जब पुराने निवेशक अपने शेयर बेचते हैं) होने वाला है, जिसके तहत मौजूदा शेयरधारक अपनी हिस्सेदारी कम करेंगे।

इस IPO में शेयरधारक 20.37 करोड़ शेयरों की बिक्री करने वाले हैं। बताया जा रहा है कि यह IPO लगभग 13,000 करोड़ रुपये का हो सकता है, जो Asset Management Industry (एसेट मैनेजमेंट इंडस्ट्री) के सबसे बड़े IPO में से एक हो सकता है।

SBI Funds Management IPO में कितनी हिस्सेदारी बिकेगी?

IPO के लिए दाखिल किए गए दस्तावेज SEBI को मार्च में किए गए थे। इसके तहत कंपनी में मौजूद 10% हिस्सेदारी इस IPO के जरिए बेची जाएगी।

इस IPO में SBI अपनी 6.3% हिस्सेदारी और उसकी Joint Venture Partner (संयुक्त उद्यम भागीदार) Amundi Asset Management अपनी 3.7% हिस्सेदारी बेचने वाली है। यानी कुल मिलाकर 10% हिस्सेदारी की बिक्री की जाएगी।

वहीं इस Asset Management Company में हिस्सेदारी की बात करें तो SBI के पास 63% हिस्सेदारी है, जबकि Amundi के पास 37% हिस्सेदारी मौजूद है।

CS Setty ने दी बड़ी जानकारी

CS Setty ने Citi India 2026 Conference में इस IPO को लेकर जानकारी देते हुए कहा कि इस IPO को इसी साल, यानी मौजूदा CY26 (Calendar Year 2026) में लाने की कोशिश रहेगी।

“CS Setty ने कहा कि इस समय पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था कई वैश्विक और राजनीतिक चुनौतियों का सामना कर रही है। हर साल नई समस्याएं और नए हालात सामने आते हैं।

उन्होंने निवेशकों से कहा कि उन्हें शेयर बाजार के रोज़ाना होने वाले उतार-चढ़ाव पर ज्यादा ध्यान नहीं देना चाहिए। इसके बजाय भारत की लंबी अवधि की विकास क्षमता पर भरोसा रखना चाहिए।

CS Setty का कहना है कि निवेशकों को सिर्फ Sensex की चाल नहीं देखनी चाहिए, बल्कि भारत की मजबूत और लंबे समय तक बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था को समझना चाहिए।

भारत की विकास कहानी लंबे समय के लिए महत्वपूर्ण है, इसलिए निवेशकों को दीर्घकालिक नजरिया रखना चाहिए।

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सतीश कुमार, एक इंजीनियरिंग ग्रेजुएट (मुंबई) हैं, जिन्हें 2019 से शेयर मार्केट, म्यूचुअल फंड और निवेश के साथ-साथ ब्लॉगिंग का भी अनुभव है। वे इस ब्लॉग के माध्यम से शेयर बाजार, आईपीओ, बिजनस और निवेशकों से जुड़ी ताज़ा खबरें आसान भाषा में प्रस्तुत करते हैं।

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