PhonePe IPO को लेकर एक बार फिर हलचल बढ़ गई है। PhonePe के Co-founder और CEO Sameer Nigam ने संकेत दिया है कि UPI Transactions पर MDR लागू होने से कंपनी की कमाई बढ़ सकती है और इससे IPO Filing की प्रक्रिया आगे बढ़ सकती है।
15 अक्टूबर से UPI पर MDR लागू
National Payments Corporation of India यानी NPCI ने ₹2,000 से ज्यादा के UPI Payments पर 0.4% Merchant Discount Rate यानी MDR लागू करने का ऐलान किया है। यह व्यवस्था 15 अक्टूबर से लागू होगी।
MDR वह शुल्क है जो Merchant Digital Payment को Process करने के लिए देता है। भारत में UPI का संचालन NPCI करता है और यह देश का सबसे बड़ा Digital Payment Platform है।
PhonePe ने IPO Process पहले टाला था
PhonePe ने इसी साल की शुरुआत में Geopolitical Uncertainty और Investor Sentiment का हवाला देते हुए अपने IPO Process को अनिश्चित समय के लिए टाल दिया था।
Moneycontrol की रिपोर्ट के मुताबिक, PhonePe IPO के जरिए करीब $1.3 Billion जुटाने पर विचार कर रही थी। इसके लिए कंपनी का संभावित Valuation करीब $13-15 Billion आंका जा रहा था।
PhonePe को 20 जनवरी को SEBI से IPO के लिए मंजूरी भी मिल चुकी है। ऐसे में UPI MDR से होने वाली संभावित अतिरिक्त कमाई IPO की तैयारी में अहम हो सकती है।
UPI में PhonePe की बड़ी हिस्सेदारी
बेंगलुरु स्थित PhonePe हर महीने करीब 11.5 Billion Transactions Process करती है। इन Transactions की कुल Value ₹14 लाख करोड़ से ज्यादा बताई गई है।
UPI Apps को MDR से मिलने वाली कुल रकम का करीब 20% हिस्सा मिलने की उम्मीद है। PhonePe की UPI में 45% से ज्यादा Market Share है। ऐसे में अनुमान है कि कुल MDR Collection का करीब 10% हिस्सा PhonePe को मिल सकता है।
PhonePe की भूमिका सिर्फ Payments तक सीमित नहीं है। कंपनी Merchant Acquisition में भी बड़ी भूमिका निभाती है। Merchants को MDR Collection का करीब 30% हिस्सा मिलने की उम्मीद है।
MDR से कितनी कमाई हो सकती है?
MDR से कुल कितनी रकम जुट सकती है, इसे लेकर अलग-अलग अनुमान हैं। Brokerages और Analysts के मुताबिक यह रकम करीब ₹13,000 करोड़ से ₹26,000 करोड़ के बीच हो सकती है।
अगर MDR से PhonePe की कमाई बढ़ती है, तो इससे कंपनी के Revenue Outlook में बदलाव आ सकता है। इसी वजह से PhonePe IPO की तैयारी एक बार फिर चर्चा में है।
हालांकि, PhonePe ने अभी IPO की निश्चित Filing Date या Listing Date का आधिकारिक ऐलान नहीं किया है। MDR व्यवस्था लागू होने के बाद कंपनी अपनी अगली रणनीति पर फैसला कर सकती है।
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