दोस्तों, एक ऐसा शेयर जो कभी ₹400 के पार था, अब ₹10 से भी नीचे आ चुका है। लेकिन कहानी यहां खत्म नहीं होती—कंपनी की कमाई कई गुना बढ़ी है और अब South Africa से करीब ₹574 करोड़ तक का नया ऑर्डर भी मिला है। आखिर शेयर इतनी बुरी तरह गिरने के बावजूद कंपनी का कारोबार कैसे बढ़ रहा है और इस नए ऑर्डर से आगे क्या बदल सकता है? आइए पूरी कहानी आसान भाषा में समझते हैं।
₹574 करोड़ तक का बड़ा ऑर्डर
सबसे पहले उस खबर को समझते हैं, जिसने Elitecon International को फिर चर्चा में ला दिया है।
कंपनी ने South Africa की World Class 77 के साथ एक करार किया है। इसके तहत अगले 12 महीनों में Elitecon अपनी Nashik फैक्ट्री में तैयार सामान South Africa के बाजार में भेजेगी।
इस करार की कुल कीमत 60 मिलियन डॉलर यानी करीब ₹574.2 करोड़ तक हो सकती है।
South Africa का यह करार Elitecon के लिए एक नए विदेशी बाजार का रास्ता खोल रहा है। कंपनी का कारोबार पहले से UAE और Singapore तक पहुंच चुका है और 50 से ज्यादा देशों में उसके सामान की पहुंच है।
अब इस नई डील के लिए Nashik की फैक्ट्री में काम बढ़ाना पड़ सकता है, जिसके चलते करीब 200 लोगों की नई भर्ती की जरूरत हो सकती है।
कंपनी की कमाई ₹5,000 करोड़ के पार कैसे पहुंची?
अब कंपनी के कारोबार पर नजर डालते हैं। FY26 में Elitecon International की कुल कमाई ₹5,085.20 करोड़ रही।
यानी FY25 के मुकाबले कंपनी की कमाई करीब 9.2 गुना बढ़ी है।
FY26 में कंपनी का प्री-टैक्स फायदा ₹195.98 करोड़ रहा। वहीं शुद्ध मुनाफा ₹185.06 करोड़ रहा, जो पिछले साल के मुकाबले तीन गुना से ज्यादा है।
हालांकि पूरी तस्वीर सिर्फ सालाना आंकड़ों से नहीं समझी जा सकती। मार्च तिमाही में कंपनी की कमाई ₹1,882.23 करोड़ रही, लेकिन इस दौरान ₹73.67 करोड़ का प्री-टैक्स घाटा दर्ज हुआ।
इसलिए दोस्तों, साल भर के नतीजे काफी मजबूत दिखते हैं, लेकिन हाल की तिमाही में कंपनी के प्रदर्शन पर भी नजर रखना जरूरी है।
₹402 से ₹8 पर कैसे पहुंचा शेयर?
अब उस सवाल पर आते हैं जो शायद सबसे ज्यादा लोगों के मन में है।
22 अगस्त 2025 को Elitecon International का शेयर ₹402.55 पर था। अब यह करीब 98% गिरकर ₹8.46 के आसपास आ गया है।
यानी जिस शेयर की कीमत कभी ₹400 के पार थी, वह अब ₹10 से भी नीचे है।
यहां एक बात समझना जरूरी है। किसी कंपनी की कमाई बढ़ना और शेयर का बढ़ना दो अलग बातें हैं। बाजार सिर्फ बिक्री या मुनाफे को नहीं देखता, बल्कि कंपनी का भविष्य, जोखिम, कर्ज, कमाई की गुणवत्ता और दूसरी चीजों को भी ध्यान में रखता है।
इसलिए सिर्फ कमाई कई गुना बढ़ने को देखकर शेयर की कीमत को लेकर कोई सीधा निष्कर्ष निकालना ठीक नहीं होगा।
ITC से क्यों होती है Elitecon की तुलना?
Elitecon International तंबाकू और उससे जुड़े सामान का कारोबार करती है। इसी वजह से इसकी तुलना ITC से की जाती है, जो तंबाकू कारोबार में भी मौजूद है।
Elitecon का मुख्यालय New Delhi में है। कंपनी की शुरुआत 1987 में Kashiram Jain & Company के नाम से हुई थी।
कंपनी Nashik, Maharashtra में cigarettes, sheesha, smoking mixtures और दूसरे तंबाकू सामान बनाती है।
इसके अलावा कंपनी ने edible oil और agro products के कारोबार में भी कदम बढ़ाया है। इसके लिए Kandla और Mathura में सामान तैयार करने और उसे प्रोसेस करने का काम किया जाता है।
अब कंपनी FMCG और electronics trading कारोबार को West Asia, Africa और ASEAN बाजारों में बढ़ाने की योजना पर भी काम कर रही है। विदेशों में manufacturing joint ventures की संभावनाएं भी तलाश रही है।
UAE और Singapore के बाद Africa में बढ़ रहा कारोबार
Elitecon की UAE और Singapore वाली ग्रुप कंपनियों ने FY26 में अपना पूरा एक साल का कामकाज पूरा किया।
अब South Africa से मिला करार कंपनी के विदेशी कारोबार को और बढ़ाने की दिशा में अहम कदम है।
अगर इस करार के तहत बताई गई अधिकतम ₹574 करोड़ तक की बिक्री होती है, तो कंपनी की विदेशी कमाई में इसका अच्छा योगदान हो सकता है। हालांकि यह अधिकतम संभावित रकम है और असली बिक्री कितनी होगी, यह आगे होने वाली सप्लाई पर निर्भर करेगा।
FAQs
Elitecon की South Africa डील कितनी बड़ी है?
World Class 77 के साथ हुए करार की संभावित कीमत 60 मिलियन डॉलर यानी करीब ₹574.2 करोड़ तक हो सकती है।
Elitecon International का शेयर कितने रुपये से गिरा है?
शेयर 22 अगस्त 2025 को ₹402.55 पर था और अब करीब 98% गिरकर ₹8.46 के आसपास आ गया है।
FY26 में Elitecon International की कमाई कितनी रही?
FY26 में कंपनी की कुल कमाई ₹5,085.20 करोड़ रही।
Elitecon International क्या कारोबार करती है?
कंपनी cigarettes, sheesha, smoking mixtures और दूसरे तंबाकू सामान बनाती है। इसके अलावा edible oil और agro products के कारोबार में भी मौजूद है।
Elitecon की तुलना ITC से क्यों होती है?
दोनों कंपनियां तंबाकू कारोबार में मौजूद हैं, इसलिए Elitecon की तुलना ITC से की जाती है।
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