Stock Market Crash News: शेयर बाजार में सोमवार को ऐसी गिरावट आई कि निवेशकों के करीब ₹8 लाख करोड़ कम हो गए। सेंसेक्स 1,124 अंक और निफ्टी 360 अंक से ज्यादा टूटकर बंद हुए। आखिर बाजार में इतना दबाव क्यों आया और कौन-से शेयर सबसे ज्यादा टूटे? आइए आसान भाषा में पूरी तस्वीर समझते हैं।
सेंसेक्स 1,124 अंक टूटा, निफ्टी भी 360 अंक फिसला
सोमवार को बाजार खुलने के साथ ही कमजोरी दिखने लगी थी और कारोबार खत्म होने तक बिकवाली और बढ़ गई।
सेंसेक्स 1.52% यानी 1,124.02 अंक गिरकर 72,771.72 पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी 1.56% यानी 360.25 अंक टूटकर 22,780.25 पर आ गया।
सेंसेक्स के 30 शेयरों में से 29 लाल निशान में बंद हुए। सिर्फ Infosys ऐसा शेयर रहा, जिसमें 0.20% की बढ़त रही और यह ₹1,003 पर बंद हुआ।
बाजार की इस गिरावट का सीधा असर कंपनियों के कुल बाजार मूल्य पर पड़ा। बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल बाजार मूल्य करीब ₹8 लाख करोड़ घट गया।
ये 10 शेयर सबसे ज्यादा टूटे
अब जरा उन शेयरों पर नजर डालते हैं, जिनमें सबसे ज्यादा गिरावट देखने को मिली।
बड़ी कंपनियों में LT 2.81%, Power Grid 2.62%, Adani Ports 2.38%, HDFC Bank 2.30%, Reliance 2.24% और SBI 2.10% गिरकर बंद हुए।
मिडकैप शेयरों में गिरावट और तेज रही। Yes Bank 5.61% टूटा। इसके अलावा IDFC First Bank 3.88%, KEI 3.44% और National Aluminium 2.93% गिरकर बंद हुए।
शेयर बाजार गिरने के 5 बड़े कारण
1. पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव
बाजार की चिंता बढ़ाने वाली सबसे बड़ी वजहों में पश्चिम एशिया का तनाव शामिल है। ईरान और अमेरिका के बीच जारी संघर्ष में अभी कमी के संकेत नहीं दिख रहे हैं।
ईरान ने सात दिन के युद्धविराम और होर्मुज को खोलने का प्रस्ताव दिया था, लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसे खारिज कर दिया।
ऐसे में तनाव जल्दी कम होने की उम्मीद कमजोर हुई और इसका असर बाजार के माहौल पर पड़ा।
2. विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली
दूसरी बड़ी वजह विदेशी निवेशकों की बिकवाली है।
NSE के आंकड़ों के अनुसार, पिछले कारोबारी सत्र में विदेशी निवेशकों ने भारतीय शेयर बाजार से करीब ₹3,694 करोड़ के शेयर बेचे।
विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली बाजार पर दबाव बढ़ा सकती है और शेयरों में गिरावट को तेज कर सकती है।
3. कच्चे तेल की कीमतों में तेजी
पश्चिम एशिया के तनाव का असर कच्चे तेल की आपूर्ति को लेकर भी चिंता बढ़ा रहा है।
होर्मुज समुद्री रास्ता भारत समेत कई देशों के लिए कच्चा तेल लाने का अहम रास्ता है। इसमें रुकावट की आशंका से तेल की कीमतों पर दबाव बढ़ सकता है।
भारत कच्चे तेल का बड़ा हिस्सा आयात करता है। ऐसे में तेल महंगा होने पर कंपनियों की लागत और देश के आयात खर्च पर असर पड़ सकता है।
4. रुपये की कमजोरी
डॉलर के मुकाबले रुपये में भी कमजोरी देखने को मिली।
सोमवार को रुपया 28 पैसे गिरकर 96.03 प्रति डॉलर पर बंद हुआ।
रुपये में कमजोरी का मतलब है कि विदेश से कच्चा माल और दूसरी चीजें खरीदने पर ज्यादा रुपये खर्च करने पड़ सकते हैं। इसका असर आयात पर निर्भर कंपनियों पर पड़ सकता है।
5. अमेरिकी बॉन्ड की कमाई 5.2% के पार
अमेरिका के 10 साल के सरकारी बॉन्ड की कमाई भी 5.2% से ऊपर पहुंच गई है। यह 2004 के बाद का ऊंचा स्तर बताया जा रहा है।
अमेरिकी बॉन्ड से मिलने वाली कमाई बढ़ने पर विदेशी निवेशकों के लिए वहां पैसा लगाना ज्यादा आकर्षक हो सकता है। ऐसे में भारत जैसे बाजारों से विदेशी पैसा निकलने का दबाव बढ़ सकता है।
FAQs
सोमवार को सेंसेक्स कितने अंक गिरा?
सेंसेक्स 1,124.02 अंक यानी 1.52% गिरकर 72,771.72 पर बंद हुआ।
निफ्टी कितने अंक टूटा?
निफ्टी 360.25 अंक यानी 1.56% गिरकर 22,780.25 पर बंद हुआ।
निवेशकों को कितना नुकसान हुआ?
बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों के कुल बाजार मूल्य में करीब ₹8 लाख करोड़ की कमी आई।
सबसे ज्यादा गिरने वाला शेयर कौन सा रहा?
दिए गए आंकड़ों में Yes Bank 5.61% की गिरावट के साथ सबसे ज्यादा गिरने वाला शेयर रहा।
बाजार गिरने के 5 बड़े कारण क्या रहे?
पश्चिम एशिया का तनाव, विदेशी निवेशकों की बिकवाली, कच्चे तेल की कीमतों में तेजी, रुपये की कमजोरी और अमेरिकी बॉन्ड की बढ़ती कमाई प्रमुख कारण रहे।
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