शेयर बाजार में गिरावट के बावजूद IPO में निवेशकों की दिलचस्पी बनी हुई है। Zerodha के CEO नितिन कामथ के मुताबिक, हाल में लिस्ट हुई कई कंपनियों के शेयर अपने Issue Price से ऊपर चल रहे हैं। आखिर IPO में यह तेजी क्यों दिख रही है?
Nithin Kamath ने IPO Market को लेकर क्या कहा?
नितिन कामथ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर Primary Market और Secondary Market के प्रदर्शन में बड़ा अंतर बताया। उन्होंने कहा कि फिलहाल बाजार का सबसे ज्यादा तेजी दिखाने वाला हिस्सा IPO Boom है, जबकि व्यापक शेयर बाजार लगातार नीचे जा रहा है।
कामथ के मुताबिक, हाल में लिस्ट हुए कई IPO के शेयर अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं और निवेशकों की दिलचस्पी भी बनी हुई है। उन्होंने कहा कि शेयर बाजार में कमजोरी के बावजूद IPO Market में ऐसी तेजी और दोनों बाजारों के बीच इतना बड़ा अंतर उन्होंने लंबे समय से नहीं देखा।
एक साल में लिस्ट हुए 67.2% IPO Issue Price से ऊपर
कामथ की ओर से साझा किए गए आंकड़ों के मुताबिक, अक्टूबर 2025 से सितंबर 2026 के बीच Mainboard पर 125 IPO लिस्ट हुए। इनमें से 6 अक्टूबर 2026 तक 67.2% शेयर अपने Issue Price से ऊपर कारोबार कर रहे थे।
इस समूह का Median Return 24.7% रहा। यानी इस अवधि में लिस्ट हुए शेयरों के प्रदर्शन का बीच वाला आंकड़ा 24.7% था।
नए IPO के प्रदर्शन को इस तरह समझ सकते हैं:
| Issue Price के मुकाबले शेयर का प्रदर्शन | IPO का प्रतिशत |
|---|---|
| 0% से 25% तक ऊपर | 17.6% |
| 25% से 50% तक ऊपर | 18.4% |
| 50% से 100% तक ऊपर | 17.6% |
| 100% से ज्यादा ऊपर | 13.6% |
इन आंकड़ों के मुताबिक, 13.6% नए लिस्टेड शेयर अपने Issue Price से दोगुने से भी ज्यादा स्तर पर कारोबार कर रहे थे।
पिछले साल के IPO का प्रदर्शन कैसा रहा?
| IPO लिस्टिंग की अवधि | कुल IPO | Issue Price से ऊपर शेयर | Median Return |
|---|---|---|---|
| अक्टूबर 2025–सितंबर 2026 | 125 | 67.2% | 24.7% |
| अक्टूबर 2024–सितंबर 2025 | 95 | 47.4% | -9.4% |
| अक्टूबर 2023–सितंबर 2024 | 88 | 54.5% | 8.6% |
इन आंकड़ों से पता चलता है कि अक्टूबर 2025 से सितंबर 2026 के बीच लिस्ट हुए IPO का प्रदर्शन पिछली दोनों अवधियों के मुकाबले बेहतर रहा।
हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि हर नया IPO निवेशकों को मुनाफा दे रहा है। आंकड़े सभी कंपनियों के प्रदर्शन में अंतर भी दिखाते हैं।
महंगे Valuation पर लिस्ट हो रही हैं कंपनियां
Nithin Kamath ने IPO Boom के साथ शेयर मार्केट मे अपनी लिस्टिंग करने कंपनियों के Valuation पर भी कडक रुख अपनाते हुए सवाल उठाए हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, 2026 में लिस्ट हुईं और जिनका P/E Ratio उपलब्ध था, ऐसी 59 कंपनियों में से 13 का P/E Ratio 100 गुना से ज्यादा था।
P/E Ratio से पता चलता है कि निवेशक कंपनी की सालाना कमाई के मुकाबले उसके शेयर के लिए कितनी कीमत चुका रहे हैं। उदाहरण के लिए, 100 गुना P/E का मतलब है कि निवेशक कंपनी की हर ₹1 सालाना कमाई के लिए ₹100 का मूल्य चुका रहे हैं।
ऐसे ऊंचे Valuation पर शेयर खरीदने में जोखिम हो सकता है, क्योंकि कंपनी की कमाई उम्मीद के मुताबिक नहीं बढ़ने पर शेयर की कीमत पर दबाव आ सकता है।
IPO से जुटाए जा रहे पैसे का इस्तेमाल भी अहम
IPO में निवेश करने से पहले यह देखना भी जरूरी है कि कंपनी शेयर बेचकर पैसा क्यों जुटा रही है।
सितंबर में IPO के जरिए जुटाई गई कुल रकम का करीब 75% हिस्सा Offer for Sale यानी OFS से आया। OFS में कंपनी के मौजूदा शेयरधारक अपने शेयर बेचते हैं।
इसके अलावा, FY26 में औसत Listing Gain 29% था, जो घटकर 7% रह गया। औसत Oversubscription भी 71 गुना से घटकर 39 गुना पर आ गया।
रिपोर्ट के मुताबिक, Mainboard IPO Pipeline करीब ₹3.86 लाख करोड़ की है। यह 2026 में अब तक जुटाई गई ₹1.12 लाख करोड़ की रकम से लगभग 3.4 गुना है।
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