Jio Platforms IPO: Reliance Industries की कंपनी Jio Platforms भारत में इस्तेमाल हो रही अपनी UBR टेक्नोलॉजी को अब विदेशों तक ले जाने की तैयारी कर रही है। कंपनी दूसरे देशों के टेलीकॉम ऑपरेटरों के साथ साझेदारी तलाश रही है, जिससे Jio के लिए कमाई का एक नया रास्ता खुल सकता है। यह योजना ऐसे समय में सामने आई है जब Jio Platforms IPO भी बाजार में आने वाला है।
क्या है Jio की UBR टेक्नोलॉजी?
UBR यानी Unlicensed Broadband Radio ऐसी वायरलेस टेक्नोलॉजी है, जिससे घरों तक ब्रॉडबैंड पहुंचाने के लिए फाइबर बिछाने की जरूरत कम हो सकती है।
यह तकनीक बिना लाइसेंस वाले Wi-Fi स्पेक्ट्रम का इस्तेमाल करती है। Jio इसमें 5 GHz बैंड का इस्तेमाल कर रही है।
इससे टेलीकॉम कंपनियां उन इलाकों में भी घरों तक ब्रॉडबैंड पहुंचा सकती हैं, जहां फाइबर बिछाना महंगा या मुश्किल होता है।
65 लाख Jio ग्राहक कर रहे UBR का इस्तेमाल
Jio के करीब 2.7 करोड़ होम ब्रॉडबैंड ग्राहक हैं और कंपनी के पास करीब 13 लाख रूट किलोमीटर फाइबर नेटवर्क है।
जहां फाइबर उपलब्ध है, वहां यह अभी भी Jio का पसंदीदा विकल्प है। लेकिन करीब 65 लाख Jio ग्राहक पहले से UBR आधारित कनेक्शन का इस्तेमाल कर रहे हैं।
UBR की मदद से Jio फिक्स्ड ब्रॉडबैंड कनेक्शन के लिए लाइसेंस वाले 5G स्पेक्ट्रम का इस्तेमाल किए बिना घरों तक इंटरनेट पहुंचा सकती है।
अब विदेशों में ले जाने की तैयारी
Jio अब अपनी UBR टेक्नोलॉजी को दूसरे देशों में भी इस्तेमाल कराने की संभावनाएं तलाश रही है।
कंपनी विदेशों के टेलीकॉम ऑपरेटरों के साथ साझेदारी पर काम कर रही है। UBR के साथ Jio अपनी दूसरी नेटवर्क टेक्नोलॉजी भी पेश कर सकती है।
जानकारों के मुताबिक, इस तकनीक का इस्तेमाल अफ्रीका, दक्षिण-पूर्व एशिया और ऑस्ट्रेलिया के ग्रामीण इलाकों में किया जा सकता है। हालांकि, इसके लिए सही नेटवर्क स्थिति और संबंधित देशों में 5 GHz बैंड के व्यावसायिक इस्तेमाल से जुड़े नियम जरूरी होंगे।
Jio के लिए क्यों खास है UBR?
UBR का इस्तेमाल उन जगहों पर किया जा सकता है जहां फाइबर नेटवर्क पहुंचाना मुश्किल या महंगा है।
इससे टेलीकॉम कंपनियों को आखिरी हिस्से तक ब्रॉडबैंड पहुंचाने का एक और विकल्प मिल जाता है। Jio ने पहले अपनी जरूरत के लिए इस तकनीक को विकसित किया और अब इसे दूसरे ऑपरेटरों को देने की दिशा में आगे बढ़ रही है।
अगर विदेशी बाजारों में इसका इस्तेमाल बढ़ता है, तो Jio Platforms के लिए टेक्नोलॉजी बेचने से कमाई का एक नया जरिया बन सकता है।
Jio की दूसरी टेक्नोलॉजी भी बाजार में उतारने की तैयारी
Jio Platforms सिर्फ UBR तक सीमित नहीं रहना चाहती। कंपनी ने अपने नेटवर्क के लिए 5G कोर नेटवर्क, नेटवर्क मैनेजमेंट सॉफ्टवेयर और AI आधारित ऑटोमेशन टूल्स भी तैयार किए हैं।
अब कंपनी इन तकनीकों को भी दूसरे टेलीकॉम ऑपरेटरों को देने की दिशा में काम कर रही है।
इससे Jio Platforms का कारोबार सिर्फ टेलीकॉम और ब्रॉडबैंड सेवाओं तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि अपनी तकनीक को दूसरे बाजारों में बेचने का रास्ता भी खुल सकता है।
IPO से पहले Jio के लिए नया मौका
Jio Platforms IPO 21 अक्टूबर से सब्सक्रिप्शन के लिए खुलने की संभावना बताई जा रही है। IPO का GMP ₹158 के आसपास चल रहा है।
इसी दौरान Jio अपनी UBR टेक्नोलॉजी को दूसरे देशों में पहुंचाने की तैयारी कर रही है। इससे कंपनी के लिए टेक्नोलॉजी के जरिए कमाई का एक नया रास्ता खुल सकता है।
वहीं, Jio Platforms की संभावित लिस्टिंग की खबरों के बीच Reliance Industries के शेयर में मंगलवार को 2.7% की बढ़त देखने को मिली। पिछले दो कारोबारी सत्रों में शेयर कुल 4.3% चढ़ चुका है।
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