📈 Latest Share Market & Stock Updates ke liye WhatsApp Channel Join Karein:

💚 Join WhatsApp Channel

PVR Cinemas फिल्म देखने गए थे, Ads ने बिगाड़ दिया पूरा मजा! PVR को अब देने होंगे ₹75,000

अगर आपको फिल्म बिना रुकावट और आराम से देखना पसंद है, तो यह खबर आपके काम की है। फिल्म शुरू होने के इंतजार में लंबे-लंबे Ads और Trailers चलें तो पूरा Movie Experience खराब हो जाता है। Hyderabad में ऐसा ही एक मामला Consumer Court तक पहुंचा, जहां PVR INOX को कुल ₹75,000 का भुगतान करने का आदेश दिया गया।

10:35 PM का शो था, लेकिन फिल्म शुरू होने में हुई देरी

मामला 20 जून 2025 का है। Hyderabad के एक वकील ने Dhanush और Nagarjuna की फिल्म ‘Kuberaa’ PVR Cinemas मे देखने के लिए रात 10:35 बजे का शो बुक किया था।

वह अपने दोस्त के साथ समय से पहले थिएटर पहुंच गए और करीब 10:30 बजे अपनी सीट पर बैठ गए। लेकिन तय समय पर फिल्म शुरू होने के बजाय स्क्रीन पर Ads और Trailers चलते रहे।

शिकायत के मुताबिक, फिल्म करीब 10:52 बजे शुरू हुई। यानी दर्शकों को लगभग 22 मिनट तक फिल्म के बजाय दूसरे कंटेंट का इंतजार करना पड़ा। Economic Times की रिपोर्ट में फिल्म शुरू होने में करीब 17 मिनट की देरी का उल्लेख है।

यह देरी सिर्फ थिएटर में बैठे समय तक सीमित नहीं रही। वकील के मुताबिक, वह घर करीब 3 बजे पहुंचे, जबकि उनका प्लान करीब 2 बजे तक घर पहुंचने का था।

लंबे Ads से कैसे बिगड़ा पूरा Movie Experience?

फिल्म देखने का मजा सिर्फ स्क्रीन पर फिल्म शुरू होने तक सीमित नहीं होता। खासकर रात के शो में लोग अपनी पूरी शाम और आने-जाने का समय देखकर टिकट बुक करते हैं।

ऐसे में अगर तय समय के बाद भी लगातार Commercial Ads चलते रहें, तो दर्शकों को लगता है कि उनका कीमती समय बेवजह जा रहा है।

इसी बात को लेकर शिकायतकर्ता ने Consumer Commission का रुख किया। उसका कहना था कि टिकट खरीदने के बाद तय समय पर फिल्म शुरू होना थिएटर की सेवा का हिस्सा होना चाहिए।

उसने लंबे Commercial Ads को Service में कमी और Unfair Trade Practice बताया।

PVR ने Ads को लेकर क्या दलील दी?

PVR की तरफ से कहा गया कि फिल्म शुरू होने से पहले Ads, Trailers और Public Service Content दिखाना थिएटर के सामान्य कारोबार का हिस्सा है।

कंपनी ने यह भी बताया कि Public Service Content में शिक्षा, कृषि, महिलाओं के कल्याण और स्वच्छता जैसे मुद्दों से जुड़े संदेश दिखाए जाते हैं।

PVR ने अपनी कारोबारी गतिविधियों के अधिकार का भी हवाला दिया और शिकायत को खारिज करने की मांग की।

लेकिन Consumer Commission ने इस दलील को स्वीकार नहीं किया।

Consumer Court ने PVR के खिलाफ क्यों दिया फैसला?

Hyderabad District Consumer Disputes Redressal Commission ने माना कि तय सीमा से आगे Commercial Ads चलाकर फिल्म शुरू होने में देरी करना सामान्य कारोबारी गतिविधि के नाम पर सही नहीं ठहराया जा सकता।

आयोग ने Ministry of Information and Broadcasting के उस निर्देश का भी हवाला दिया, जिसमें Public Service Films की अवधि और उन्हें दिखाने के समय से जुड़ी सीमा बताई गई है।

आयोग के मुताबिक, यहां Ads को तय सीमा से आगे चलाया गया और इससे दर्शक को परेशानी हुई। इसे Unfair Trade Practice माना गया।

आयोग ने PVR को कुल ₹75,000 की वित्तीय जिम्मेदारी दी:

  • ₹20,000 शिकायतकर्ता को मुआवजा
  • ₹5,000 कानूनी खर्च
  • ₹50,000 District Consumer Welfare Fund में जमा करने का आदेश

यानी ₹75,000 में से ₹25,000 सीधे शिकायतकर्ता को मिलने हैं, जबकि ₹50,000 Consumer Welfare Fund में जाएंगे। साथ ही इस तरह की गतिविधि दोबारा न दोहराने का निर्देश भी दिया गया।

PVR के सामने ऐसा मामला पहले भी आ चुका है

यह पहली बार नहीं है जब फिल्म शुरू होने से पहले लंबे Ads को लेकर PVR के खिलाफ Consumer Court में मामला पहुंचा है।

फरवरी 2025 में Bengaluru के एक Consumer Court ने PVR और Inox के खिलाफ भी इसी तरह के मामले में फैसला दिया था। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि 2023 में ‘Sam Bahadur’ देखने से पहले करीब 25 मिनट तक Ads चलाए गए थे।

उस मामले में PVR और Inox को ₹20,000 मुआवजा और ₹8,000 कानूनी खर्च देने का आदेश दिया गया था। इसके अलावा ₹1 लाख Consumer Welfare Fund में जमा करने को भी कहा गया था।

इससे साफ है कि फिल्म शुरू होने से पहले Ads को लेकर दर्शकों की शिकायत अब सिर्फ एक जगह तक सीमित नहीं है।

FAQs

PVR को ₹75,000 का भुगतान क्यों करना पड़ा?

फिल्म शुरू होने से पहले लंबे समय तक Commercial Ads और Trailers चलने के कारण शो में देरी हुई। Consumer Commission ने इसे Service में कमी और Unfair Trade Practice माना।

फिल्म कितने बजे शुरू होनी थी?

‘Kuberaa’ का शो रात 10:35 बजे शुरू होना था।

फिल्म कितने बजे शुरू हुई?

शिकायत के मुताबिक फिल्म करीब 10:52 बजे शुरू हुई, यानी लगभग 22 मिनट की देरी हुई।

PVR को ₹75,000 में से कितना पैसा ग्राहक को देना है?

₹20,000 मुआवजे और ₹5,000 कानूनी खर्च के रूप में यानी कुल ₹25,000 शिकायतकर्ता को देने का आदेश है। बाकी ₹50,000 Consumer Welfare Fund में जमा होंगे।

क्या PVR को Ads दिखाने से पूरी तरह रोक दिया गया है?

मामले में आयोग ने तय सीमा से आगे इस तरह की गतिविधि दोबारा न दोहराने का निर्देश दिया है।

ये भी पढ़ें :-

📈 Latest Share Market & Stock Updates ke liye WhatsApp Channel Join Karein:

💚 Join WhatsApp Channel

सतीश कुमार, एक इंजीनियरिंग ग्रेजुएट (मुंबई) हैं, जिन्हें 2019 से शेयर मार्केट, म्यूचुअल फंड और निवेश के साथ-साथ ब्लॉगिंग का भी अनुभव है। वे इस ब्लॉग के माध्यम से शेयर बाजार, आईपीओ, बिजनस और निवेशकों से जुड़ी ताज़ा खबरें आसान भाषा में प्रस्तुत करते हैं।

Share:

Leave a Comment