JSW One IPO में एक बात खास तौर पर ध्यान देने वाली है। कंपनी अपने सामान की सप्लाई के लिए JSW Group पर काफी ज्यादा निर्भर है।
जून 2026 तक के आंकड़ों के मुताबिक, JSW Group से आने वाले सामान का हिस्सा कंपनी के कुल कारोबार में 87.83% था। वहीं FY26 में यह हिस्सा 85.70% रहा।
आसान भाषा में समझें तो FY26 में JSW One के प्लेटफॉर्म पर बिकने वाले हर ₹100 के सामान में करीब ₹86 का सामान JSW Group से आया था।
यही निर्भरता JSW One के लिए एक तरफ फायदा है, तो दूसरी तरफ जोखिम भी बन सकती है।
JSW Group से सामान मिलने का क्या फायदा?
JSW Group से बड़ी मात्रा में सामान मिलने की वजह से JSW One को सामान की उपलब्धता बनाए रखने में मदद मिल सकती है।
JSW One एक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म है, जहां छोटे और मझोले कारोबारियों को सामान ढूंढने, कीमत देखने, सामान मंगाने, भुगतान करने और सामान पहुंचाने जैसी सुविधाएं एक ही जगह मिलती हैं।
कंपनी Steel, Cement और Construction Materials जैसे सामान के साथ उन्हें पहुंचाने और जरूरत के हिसाब से तैयार करने जैसी सेवाएं भी देती है।
इससे खासकर छोटे कारोबारियों को फायदा हो सकता है। उन्हें अलग-अलग जगहों पर जाकर सामान लेने के बजाय एक ही प्लेटफॉर्म से कई जरूरतें पूरी करने की सुविधा मिलती है।
लेकिन 85.7% निर्भरता जोखिम क्यों है?
JSW One की Supply का बहुत बड़ा हिस्सा JSW Group से आता है। इसलिए अगर किसी वजह से JSW Group से सामान मिलना कम हो जाता है, तो इसका असर JSW One के कारोबार पर पड़ सकता है।
FY26 में हर ₹100 के कारोबार में करीब ₹86 का सामान JSW Group से जुड़ा था। ऐसे में इतनी बड़ी निर्भरता कंपनी के लिए एक जोखिम बन सकती है।
कंपनी ने भी अपने दस्तावेजों में बताया है कि JSW Group से सामान की खरीद या कारोबारी संबंध कम होने पर उसके कारोबार, कमाई और वित्तीय स्थिति पर असर पड़ सकता है।
दूसरी कंपनियों से खरीद कितनी है?
JSW Group पर निर्भरता सिर्फ सामान मिलने तक ही नहीं है। कंपनी की खरीद में भी संबंधित कंपनियों की बड़ी हिस्सेदारी है।
FY26 में कंपनी ने हर ₹100 के Stock-in-Trade में करीब ₹68 की खरीद संबंधित कंपनियों से की थी।
यह आंकड़ा FY25 में करीब ₹64 और FY24 में करीब ₹60 था।
यानी पिछले कुछ सालों में संबंधित कंपनियों से खरीद पर निर्भरता बढ़ी है।
अगर JSW Group से सामान कम मिला तो क्या होगा?
इसे एक आसान उदाहरण से समझते हैं।
अगर JSW Group से आने वाला सामान 10% कम हो जाता है और बाकी चीजें बिल्कुल वैसी ही रहती हैं, तो FY26 के आंकड़े के आधार पर JSW One के कुल कारोबार पर करीब 8.57% तक असर पड़ सकता है।
अगर सामान की सप्लाई 20% कम हो जाए, तो असर करीब 17.14% तक पहुंच सकता है।
हालांकि, यह सिर्फ समझाने के लिए किया गया हिसाब है। असल असर इस बात पर निर्भर करेगा कि JSW One दूसरे विक्रेताओं से कितनी जल्दी सामान की कमी पूरी कर पाती है।
सिर्फ JSW Group ही नहीं, बड़े विक्रेताओं पर भी निर्भरता
JSW One का कारोबार कुछ बड़े विक्रेताओं पर भी काफी निर्भर है।
FY26 में कंपनी के 10 सबसे बड़े विक्रेताओं और सप्लायर्स से कुल कारोबार का 85.02% आया था।
आसान भाषा में कहें तो कंपनी के हर ₹100 के कारोबार में करीब ₹85 का हिस्सा सिर्फ इन 10 बड़े विक्रेताओं से आया।
जून 2026 की तिमाही में यह आंकड़ा 90.52% था। FY25 में यह 87.44% और FY24 में 80.43% था।
इससे पता चलता है कि कंपनी के कारोबार में कुछ बड़े विक्रेताओं की भूमिका काफी ज्यादा है।
ये भी पढ़ें :-
- PMI Electro IPO: KKR के $310 मिलियन निवेश के बाद IPO क्यों?
- Anmol Industries IPO का पूरा खेल, ₹1,800 करोड़ आएंगे लेकिन कंपनी को नहीं मिलेगी रकम
- SBI Share: NSE IPO खुलते ही शेयर में 1% की तेजी
