SBI Share 17 सितंबर को शुरुआती कारोबार में करीब 1% की तेजी देखने को मिली। NSE पर SBI का शेयर 0.95% बढ़कर ₹1,000.90 तक पहुंच गया।
SBI का शेयर ऐसे समय में फोकस में आया है, जब National Stock Exchange यानी NSE का IPO आज सब्सक्रिप्शन के लिए खुल गया है। SBI इस IPO में OFS के जरिए NSE के 1.597 करोड़ शेयर बेच रहा है।
NSE IPO से SBI को मिल सकते हैं ₹2,851 करोड़
NSE IPO के ₹1,785 के ऊपरी प्राइस बैंड के आधार पर SBI के 1.597 करोड़ NSE शेयरों की बिक्री से बैंक को करीब ₹2,851 करोड़ मिल सकते हैं।
वहीं, SBI Capital Markets भी NSE के 87.8 लाख शेयर बेच रहा है। ऊपरी प्राइस बैंड के हिसाब से इन शेयरों की वैल्यू करीब ₹1,567 करोड़ है।
SBI के लिए 15% से ज्यादा ROE का अनुमान
ब्रोकरेज फर्म Jefferies के मुताबिक, SBI की मैनेजमेंट का मानना है कि मौजूदा चिंताओं के बावजूद अर्थव्यवस्था मजबूती से आगे बढ़ रही है। बैंक का फोकस ग्रोथ और प्रॉफिटेबिलिटी बनाए रखने पर है।
SBI अपनी ऑपरेटिंग एफिशिएंसी सुधारने के साथ सेल्फ-एम्प्लॉयड और प्रोफेशनल लोन, रिटेल करंट डिपॉजिट और वेल्थ मैनेजमेंट जैसे सेगमेंट को बढ़ाने पर काम कर रहा है।
बैंक क्रॉस-सेलिंग और डिजिटाइजेशन को भी मजबूत कर रहा है। Jefferies के मुताबिक, इन पहलों से SBI की लोन ग्रोथ 13–15% तक रह सकती है। वहीं ROE 15% से ऊपर और ROA 1% से ऊपर रह सकता है।
FCNR(B) फ्लो को लेकर SBI चेयरमैन ने क्या कहा?
पिछले हफ्ते SBI के चेयरमैन C S Setty ने FCNR(B) फ्लो को लेकर “abnormal lending” की आशंकाओं को खारिज किया था।
उन्होंने कहा था कि विदेशों में रहने वाले भारतीयों से RBI की स्पेशल कन्सेशनल स्वैप विंडो के तहत मिले USD 127 बिलियन से ज्यादा फंड को एक साथ लोन के रूप में नहीं लगाया जाएगा।
Setty के मुताबिक, बैंकर्स इन फंड्स का इस्तेमाल अगले तीन से चार महीनों में करेंगे। यानी इन पैसों को धीरे-धीरे बैंकिंग सिस्टम में लगाया जाएगा।
अक्टूबर में ब्याज दरों पर क्या बोले Setty?
SBI चेयरमैन C S Setty ने यह भी कहा कि RBI की 6 सदस्यीय मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी की अक्टूबर में होने वाली अगली बैठक में ब्याज दर बढ़ाने का फैसला लेने की संभावना कम है।
SBI के शेयर में यह तेजी ऐसे समय में आई है, जब बैंक NSE IPO में अपनी हिस्सेदारी बेचकर बड़ी रकम जुटाने की तैयारी में है।
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