देश में IPO का माहौल इस समय अपने शिखर पर है। हर दूसरे दिन कोई नई कंपनी लिस्टिंग की तैयारी कर रही है और निवेशकों में भी जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। लेकिन इसी जोश के बीच Zerodha के फाउंडर और CEO नितिन कामथ ने एक बड़ा अलर्ट जारी किया है। उनका कहना है कि प्री-IPO शेयरों को लेकर बाजार में खतरनाक स्तर तक “हाइप” बढ़ चुका है — और ये कई लोगों को भारी नुकसान की तरफ ले जा सकता है।
“प्री-IPO शेयरों के पीछे बिना समझे दौड़ना बेहद खतरनाक” — कामथ
कामथ ने हाल ही में कहा कि अनलिस्टेड मार्केट में लोगों का व्यवहार चिंताजनक हो गया है। उनके शब्दों में,
“IPO मार्केट इतना गर्म है कि मैं अनलिस्टेड मार्केट में कुछ बेहद बेवकूफाना कहानियां सुन रहा हूं। लोग आंख बंद करके ‘pre-IPO’ शेयर खरीद रहे हैं, ये सोचकर कि IPO से पहले ही उन्हें बड़ा फायदा मिल जाएगा।”
वे बताते हैं कि कई प्री-IPO शेयर 100% से 500% तक प्रीमियम पर बेचे जा रहे हैं। उसके ऊपर अलग से भारी कमीशन, गलत प्राइसिंग और अधूरी जानकारी — जोखिमों को कई गुना बढ़ा देती है।
कामथ का साफ कहना है कि हकीकत अक्सर इसके बिल्कुल उलट होती है। कई मामलों में IPO आने के बाद शेयर की लिस्टिंग प्राइस उसी कीमत से नीचे रह जाती है, जिस पर लोग पहले ही प्री-IPO में खरीदकर बैठे रहते हैं। यानी फायदा तो दूर, शुरुआती दिन से ही घाटा।
WhatsApp पर भी हो रही है धड़ाधड़ “प्री-IPO बेचने” की कोशिश
कामथ ने बताया कि उन्हें सबसे ज्यादा हैरानी इस बात की है कि प्री-IPO शेयरों का क्रेज इतना तेजी से फैल रहा है।
उन्होंने एक मामले का जिक्र किया जहां एक प्लेटफॉर्म निवेशकों को लगातार WhatsApp मैसेज भेजकर प्री-IPO शेयर खरीदने का लालच दे रहा था।
उनके मुताबिक, “सच कहूं तो मैंने नहीं सोचा था कि अनलिस्टेड शेयरों का यह क्रेज इतना बढ़ जाएगा। जो कुछ अभी हो रहा है, वो थोड़ा पागलपन जैसा लग रहा है।”
क्रिप्टो डेरिवेटिव ट्रेड्स पर भी Nithin Kamath की चेतावनी
प्री-IPO ही नहीं, हाल ही में कामथ ने क्रिप्टोकरेंसी डेरिवेटिव ट्रेड्स को लेकर भी निवेशकों को सावधान किया था। उन्होंने इसे श्रॉडिंगर की बिल्ली के उदाहरण से समझाया — यानी न पूरी तरह रेगुलेटेड, न पूरी तरह अनरेगुलेटेड।
ऐसे माहौल में निवेशक कभी भी बड़ा झटका खा सकते हैं, खासकर तब जब प्लेटफॉर्म का हित भी इस बात में हो कि ट्रेडर्स पैसा गंवा दें।
प्री-IPO इतना जोखिम भरा क्यों है?
कामथ के मुताबिक अनलिस्टेड या प्री-IPO मार्केट में ये बड़े जोखिम होते हैं कीमत का कोई पारदर्शी बेंचमार्क नहीं,100%–500% तक का प्रीमियम,भारी ब्रोकर कमीशन,गलत या अधूरी जानकारी,IPO लिस्टिंग पर शेयर का गिरना और liquidity की कमी — बेचने पर खरीदार ही न मिले यानी चमक भले ज्यादा दिखती हो, लेकिन अंधेरा गहरा है।
नितिन कामथ का संदेश साफ है —“प्री-IPO शेयर कोई गारंटीड पैसे बनाने की मशीन नहीं हैं। गलत समय पर, गलत कीमत पर खरीदना निवेशक को खतरनाक नुकसान में डाल सकता है।”
ये भी पढ़ें:-
