NSE IPO में निवेशकों ने क्यों घटाई हिस्सेदारी बिक्री? ₹22,562 करोड़ के OFS का पूरा गणित

NSE का बहुप्रतीक्षित IPO 17 सितंबर 2026 को खुलने जा रहा है। IPO का भाव ₹1,700 से ₹1,785 प्रति शेयर तय किया गया है। लेकिन IPO से पहले मौजूदा शेयरधारकों ने अपनी हिस्सेदारी बेचने की मात्रा घटा दी है। पहले करीब ₹30,000 करोड़ जुटाने की उम्मीद थी, लेकिन अब OFS के जरिए करीब ₹22,562 करोड़ जुटने की उम्मीद है।

निवेशकों ने हिस्सेदारी बिक्री क्यों घटाई?

इस बदलाव की सबसे बड़ी वजह IPO का तय किया गया भाव माना जा रहा है।

बाजार में पहले उम्मीद थी कि NSE IPO का भाव करीब ₹2,000 से ₹2,100 प्रति शेयर हो सकता है। लेकिन कंपनी ने ₹1,700 से ₹1,785 का भाव तय किया।

कम भाव पर ज्यादा शेयर बेचने से मौजूदा शेयरधारकों को उम्मीद के मुकाबले कम पैसा मिलता। ऐसे में कुछ शेयरधारकों ने अपनी पूरी हिस्सेदारी अभी बेचने के बजाय कुछ शेयर भविष्य के लिए रखने का फैसला किया है।

अगर लिस्टिंग के बाद NSE के शेयर का भाव बढ़ता है, तो इन शेयरों को बाद में बेचकर ज्यादा रिटर्न हासिल करने की संभावना बन सकती है।

₹30,000 करोड़ की जगह अब ₹22,562 करोड़ का OFS

पहले NSE IPO से करीब ₹30,000 करोड़ जुटाने की उम्मीद थी। अब Offer for Sale यानी OFS के जरिए करीब ₹22,562 करोड़ जुटने की उम्मीद है।

OFS में कंपनी के मौजूदा शेयरधारक अपने शेयर बेचते हैं। इससे मिलने वाला पैसा सीधे शेयर बेचने वाले निवेशकों के पास जाता है। NSE को इस हिस्से से कोई पैसा नहीं मिलेगा।

अब 12.6 करोड़ शेयर बेचने की योजना

मौजूदा शेयरधारक अब करीब 12.6 करोड़ शेयर बेचने वाले हैं। जून में जारी शुरुआती दस्तावेजों में करीब 14.9 करोड़ शेयर बेचने की योजना बताई गई थी।

यानी पहले की योजना के मुकाबले करीब 2.3 करोड़ कम शेयर बेचे जाएंगे।

कम भाव से NSE का मूल्यांकन भी घटा

पहले ₹2,000-₹2,100 के भाव के आधार पर NSE का मूल्यांकन ₹5 लाख करोड़ से ज्यादा होने का अनुमान था।

लेकिन ₹1,700-₹1,785 के तय भाव पर कंपनी का मूल्यांकन करीब ₹4.42 लाख करोड़ रह गया है।

यह कम मूल्यांकन नए निवेशकों के लिए आकर्षक माना जा रहा है। वहीं मौजूदा शेयरधारकों के लिए कम भाव पर ज्यादा हिस्सेदारी बेचने के बजाय कुछ शेयर रोककर रखना बेहतर विकल्प दिखाई दे सकता है।

BSE का प्रदर्शन भी चर्चा में

NSE IPO को लेकर BSE का प्रदर्शन भी एक दिलचस्प उदाहरण है।

2017 में शेयर बाजार में सूचीबद्ध होने के बाद से BSE के शेयर में करीब 29 गुना बढ़ोतरी हुई है। ऐसे में NSE के IPO के बाद उसके शेयर के प्रदर्शन पर भी निवेशकों की नजर रहेगी।

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सतीश कुमार, एक इंजीनियरिंग ग्रेजुएट (मुंबई) हैं, जिन्हें 2019 से शेयर मार्केट, म्यूचुअल फंड और निवेश के साथ-साथ ब्लॉगिंग का भी अनुभव है। वे इस ब्लॉग के माध्यम से शेयर बाजार, आईपीओ, बिजनस और निवेशकों से जुड़ी ताज़ा खबरें आसान भाषा में प्रस्तुत करते हैं।

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