Zepto Ad Revenue: FY26 में ₹1,636 करोड़ की कमाई, IPO से पहले बड़ा खुलासा

Zepto Ad Revenue में FY26 के दौरान 151% की तेज ग्रोथ देखने को मिली है। IPO की तैयारी कर रही कंपनी के लिए विज्ञापन कारोबार अब सिर्फ एक छोटा सेगमेंट नहीं रह गया है, बल्कि कुल कमाई के स्रोतों का एक अहम हिस्सा बनता दिख रहा है।

Ads से Zepto ने कितनी कमाई की?

भारत में रोजमर्रा का सामान तेजी से डिलीवर करने वाली कंपनियों में Zepto एक बड़ा नाम बनकर उभरी है।

कंपनी ने वित्त वर्ष 2026 में अपने विभिन्न कारोबारों में अच्छा प्रदर्शन किया है।

इन सबके बीच Advertising Revenue (विज्ञापनों से होने वाली कमाई) ने सबसे ज्यादा ध्यान खींचा है। कंपनी ने FY26 में अपनी विज्ञापन से होने वाली कमाई को 151% की दर से बढ़ाया है।

पिछले वित्त वर्ष में कंपनी का Advertising Revenue ₹651 करोड़ था, जो बढ़कर FY26 में ₹1,636 करोड़ पहुंच गया है।

कंपनी द्वारा दाखिल किए गए Updated DRHP (Draft Red Herring Prospectus) के अनुसार, यह वृद्धि उन ब्रांड्स की वजह से आई है जो तेजी से बढ़ते तेजी से सामान डिलीवर करने वाले प्लेटफॉर्म पर अपने मार्केटिंग खर्च को बढ़ा रहे हैं।

वहीं अगर कंपनी के FY26 के NRV (Net Receivable Value) की बात करें, तो यह ₹24,816 करोड़ दर्ज किया गया।

पिछले कुछ वर्षों में इसमें लगातार बढ़ोतरी देखने को मिली है। FY24 में यह 1.1% था, जो FY25 में बढ़कर 6.1% हुआ और FY26 में बढ़कर 7.8% तक पहुंच गया।

Q4 में Ads से ₹543 करोड़ आए

अगर FY26 की चौथी तिमाही यानी Q4 की बात करें, तो Zepto Ad Revenue के जरिए ₹543 करोड़ की कमाई की है।

यह पिछले साल की समान तिमाही के ₹297 करोड़ Revenue की तुलना में 83% अधिक है।

वहीं Advertising Revenue में पिछले दो वर्षों के दौरान जबरदस्त बढ़ोतरी देखने को मिली है। FY24 में कंपनी ने विज्ञापनों से केवल ₹49 करोड़ की कमाई की थी।

इसके बाद FY25 में यह आंकड़ा बढ़कर ₹651 करोड़ पहुंच गया और FY26 में कंपनी ने बड़ी छलांग लगाते हुए ₹1,636 करोड़ का Advertising Revenue दर्ज किया।

2,400 से ज्यादा ब्रांड्स ने इस्तेमाल किया प्लेटफॉर्म

कंपनी ने इस शानदार वृद्धि का श्रेय FY26 के दौरान जुड़े 2,468 Brand Partners (ब्रांड साझेदारों) को दिया है।

इन ब्रांड्स ने Zepto के Advertising Platform का इस्तेमाल किया, जिससे कंपनी को मजबूत Ad Revenue हासिल हुआ।

इसके अलावा कंपनी ने अपनी सफलता का श्रेय अपने कंपनी द्वारा विकसित विज्ञापन तकनीकी सिस्टम को भी दिया है।

कंपनी का कहना है कि यह तकनीक ग्राहकों की खरीदारी की आदतों और पसंद को समझती है तथा उसी के आधार पर सही ग्राहकों तक विज्ञापन पहुंचाने में मदद करती है।

हालांकि कंपनी का शुद्ध घाटा भी बड़ा रहा है, जो FY26 में ₹5,905 करोड़ दर्ज किया गया।

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सतीश कुमार, एक इंजीनियरिंग ग्रेजुएट (मुंबई) हैं, जिन्हें 2019 से शेयर मार्केट, म्यूचुअल फंड और निवेश के साथ-साथ ब्लॉगिंग का भी अनुभव है। वे इस ब्लॉग के माध्यम से शेयर बाजार, आईपीओ, बिजनस और निवेशकों से जुड़ी ताज़ा खबरें आसान भाषा में प्रस्तुत करते हैं।

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