NSE Trading Accounts ने पार किया 26 करोड़ का आंकड़ा, नॉर्थ-ईस्ट सबसे तेजी से आगे बढ़ते हुए

NSE Trading Accounts को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। देश में NSE पर ट्रेडिंग खातों (Trading Accounts) की संख्या 26 करोड़ के पार पहुंच गई है, जबकि महाराष्ट्र सबसे बड़े निवेशक आधार वाले राज्य के रूप में सामने आया है।

NSE ने पार किया नया माइलस्टोन

NSE द्वारा 5 जून, यानी शुक्रवार को जारी की गई जानकारी शेयर बाजार में रुचि रखने वाले निवेशकों के लिए काफी अच्छी खबर रही।

यूनिक ट्रेडिंग अकाउंट्स (Unique Trading Accounts) की संख्या पिछले 4 महीनों में काफी तेजी से बढ़ी है। सिर्फ 4 महीनों में 1 करोड़ नए अकाउंट जुड़े हैं।

वहीं, पिछले 1 साल में 4.3 करोड़ से अधिक नए अकाउंट खुले हैं, जो कुल अकाउंट्स का लगभग 17% हिस्सा है। यह आंकड़ा 31 मई 2026 तक NSE पर रजिस्टर्ड निवेशकों के लिए अकाउंट्स की संख्या 13.1 करोड़ से अधिक होने को दर्शाता है।

NSE Trading Accounts की वृद्धि का ट्रेंड

नए अकाउंट्स की वृद्धि की बात करें, तो नॉर्थ-ईस्ट राज्यों में सबसे ज्यादा तेजी देखने को मिली है। मिजोरम में 2025 के दौरान निवेशकों (Investors) की संख्या में 32.3% की वृद्धि दर्ज की गई है।

वहीं, सिक्किम और मेघालय में क्रमशः 30% और 29.2% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इस अकाउंट वृद्धि का मुख्य कारण निवेशक जागरूकता और आसान KYC (Know Your Customer – ग्राहक की पहचान सत्यापित करने की प्रक्रिया) को बताया जा रहा है।

सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि वैश्विक आर्थिक संकट और अनिश्चितताओं के बीच भारत में इस पैमाने पर नए अकाउंट खुलना एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।

किन राज्यों की रही मजबूत मौजूदगी

NSE Trading Accounts की इस तेज वृद्धि में अगर राज्यों की तुलना की जाए, तो अब तक सबसे अधिक अकाउंट महाराष्ट्र में खुले हैं। महाराष्ट्र के पास कुल अकाउंट्स का 17% हिस्सा है और यहां 4.4 करोड़ अकाउंट खुले हैं।

वहीं दूसरे नंबर पर उत्तर प्रदेश है, जहां अब तक 3 करोड़ अकाउंट खुल चुके हैं। यह कुल अकाउंट्स का 11% हिस्सा है। तीसरे स्थान पर गुजरात है, जहां अब तक 2.2 करोड़ अकाउंट खुले हैं। यह कुल अकाउंट्स का 8.6% हिस्सा है।

इसके बाद राजस्थान और पश्चिम बंगाल का स्थान है, जहां 1.5 करोड़ और 1.5 करोड़ अकाउंट खुले हैं। इन दोनों राज्यों की हिस्सेदारी क्रमशः 5.9% और 5.8% है।

सबसे खास बात यह है कि भारत के ये पांच राज्य मिलकर कुल अकाउंट्स का लगभग 49% हिस्सा रखते हैं, जो एक बहुत बड़ा आंकड़ा है।

निवेशक आधार से जुड़ी प्रमुख बातें

रिटेल निवेशक (Retail Investors – छोटे निवेशक) सिर्फ नए अकाउंट ही नहीं खोल रहे हैं, बल्कि शेयर बाजार में निवेश करने के साथ-साथ उनका रुझान म्यूचुअल फंड SIP (Systematic Investment Plan) की ओर भी तेजी से बढ़ रहा है।

अप्रैल 2025 से मार्च 2026 के बीच 7.2 करोड़ नए SIP अकाउंट खुले हैं। अगर इसकी तुलना की जाए, तो 2017 में औसत SIP निवेश ₹3,660 करोड़ हुआ करता था, जो 2026 में बढ़कर ₹29,132 करोड़ तक पहुंच गया है।

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सतीश कुमार, एक इंजीनियरिंग ग्रेजुएट (मुंबई) हैं, जिन्हें 2019 से शेयर मार्केट, म्यूचुअल फंड और निवेश के साथ-साथ ब्लॉगिंग का भी अनुभव है। वे इस ब्लॉग के माध्यम से शेयर बाजार, आईपीओ, बिजनस और निवेशकों से जुड़ी ताज़ा खबरें आसान भाषा में प्रस्तुत करते हैं।

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